Indian Railways Child Ticket Rules: Age, Price & Berth Guide | बच्चों के टिकट नियम

Ticket GuideMMaurya Ji Vlogger Editorial Team24 August 202614 min read
Indian Railways Child Ticket Rules: Age, Price & Berth Guide | बच्चों के टिकट नियम

Learn Indian Railways child ticket rules: age limits, half ticket prices & berth reservation. बच्चों के टिकट नियम जानें।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे: मुफ्त यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें कोई अलग बर्थ या सीट आवंटित नहीं की जाती। उन्हें माता-पिता/अभिभावक की सीट साझा करनी होती है।
  • 5 वर्ष से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे: ये बच्चे हाफ टिकट (आधे किराए) पर यात्रा कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें कोई अलग बर्थ या सीट आवंटित न की जाए। यदि वे अलग बर्थ या सीट चाहते हैं, तो उन्हें वयस्क यात्री के समान पूरा किराया चुकाना होगा।
  • 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चे: इन बच्चों को वयस्क यात्री के समान पूर्ण किराया चुकाना होता है और उन्हें एक अलग बर्थ या सीट आवंटित की जाती है।
  • बच्चों के लिए पहचान प्रमाण आमतौर पर आवश्यक नहीं होता, लेकिन आयु सत्यापन के लिए इसे साथ रखना उचित है।
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बच्चों के टिकट बुक करते समय इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

1. भारतीय रेलवे में बच्चों के टिकट के नियम (Indian Railways Child Ticket Rules)

भारतीय रेलवे में बच्चों के लिए यात्रा के नियम उनकी आयु के आधार पर निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों को समझना माता-पिता और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वे अपनी यात्रा की योजना सही ढंग से बना सकें और अनावश्यक परेशानी से बच सकें। ये नियम सुनिश्चित करते हैं कि सभी यात्रियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार उचित सेवाएं मिलें।

आयु सीमा के आधार पर नियम (Rules Based on Age Limit)

भारतीय रेलवे ने बच्चों की यात्रा के लिए तीन प्रमुख आयु वर्ग निर्धारित किए हैं, जिनके आधार पर टिकट और बर्थ के नियम लागू होते हैं:

5 वर्ष से कम आयु के बच्चे (Children Below 5 Years)

भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे बिना टिकट के यात्रा कर सकते हैं। उन्हें यात्रा के लिए कोई किराया नहीं देना होता। हालांकि, इस सुविधा के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त जुड़ी है: इन बच्चों को ट्रेन में कोई अलग बर्थ या सीट आवंटित नहीं की जाती है। उन्हें अपने साथ यात्रा कर रहे वयस्क यात्री (माता-पिता या अभिभावक) की सीट या बर्थ साझा करनी होती है। इसका अर्थ है कि यदि आप अपने बच्चे के लिए अलग जगह चाहते हैं, तो यह विकल्प उपलब्ध नहीं है, और आपको उन्हें अपनी सीट पर ही बैठाना होगा। यह नियम छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए एक सुविधा प्रदान करता है, लेकिन भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में थोड़ी असुविधा भी हो सकती है।

5 वर्ष से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे (Children Between 5 and Below 12 Years)

इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए भारतीय रेलवे दो विकल्प प्रदान करता है, जो यात्री की आवश्यकता पर निर्भर करते हैं:

  1. हाफ टिकट पर यात्रा (Half Ticket without Berth): यदि आप अपने 5 से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे के लिए अलग बर्थ या सीट नहीं चाहते हैं, तो आप उनके लिए हाफ टिकट खरीद सकते हैं। इस स्थिति में, बच्चे को मूल किराए का 50% भुगतान करना होगा, लेकिन उसे कोई अलग बर्थ या सीट आवंटित नहीं की जाएगी। उन्हें अपने साथ यात्रा कर रहे वयस्क यात्री की सीट साझा करनी होगी। यह विकल्प उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो बजट में यात्रा करना चाहते हैं और बच्चे के लिए अलग जगह की आवश्यकता महसूस नहीं करते।
  2. पूर्ण टिकट पर यात्रा (Full Ticket with Berth): यदि आप अपने 5 से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे के लिए एक अलग बर्थ या सीट चाहते हैं, तो आपको उनके लिए वयस्क यात्री के समान पूर्ण किराया चुकाना होगा। पूर्ण किराया चुकाने पर बच्चे को एक अलग बर्थ या सीट आवंटित की जाएगी, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक हो सकेगी। यह विकल्प लंबी यात्राओं या रात भर की यात्राओं के लिए उपयुक्त है, जहाँ बच्चे को पर्याप्त जगह की आवश्यकता हो सकती है।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय, आपको यह विकल्प चुनने का अवसर मिलता है कि आप बच्चे के लिए हाफ टिकट (बिना बर्थ) लेना चाहते हैं या पूर्ण टिकट (बर्थ के साथ)।

12 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चे (Children 12 Years and Above)

12 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चों को भारतीय रेलवे में वयस्क यात्री माना जाता है। उन्हें यात्रा के लिए वयस्क यात्री के समान पूर्ण किराया चुकाना होता है। इसके साथ ही, उन्हें एक अलग बर्थ या सीट भी अनिवार्य रूप से आवंटित की जाती है। इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए हाफ टिकट का कोई विकल्प नहीं होता है, और उन्हें टिकट बुकिंग करते समय सामान्य वयस्क यात्री के रूप में ही शामिल किया जाता है।

2. बच्चों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया (Child Ticket Booking Process)

बच्चों के लिए टिकट बुक करना ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आसान है, लेकिन सही विकल्प का चयन करना महत्वपूर्ण है।

ऑनलाइन बुकिंग (Online Booking)

IRCTC की वेबसाइट (irctc.co.in) या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करते समय, बच्चों के लिए टिकट बुक करने की प्रक्रिया सीधी है:

  1. यात्रा विवरण (गंतव्य, तिथि, ट्रेन) दर्ज करने के बाद, यात्री विवरण जोड़ने का विकल्प आता है।
  2. यहां आप अपने बच्चे का नाम, आयु और लिंग दर्ज करेंगे।
  3. यदि बच्चा 5 वर्ष से 12 वर्ष से कम आयु का है, तो सिस्टम आपको दो विकल्प देगा: 'अलग बर्थ के साथ पूर्ण किराया' (Full Fare with Berth) या 'बिना बर्थ के हाफ किराया' (Half Fare without Berth)। आपको अपनी आवश्यकतानुसार एक विकल्प चुनना होगा। 12 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चों के लिए यह विकल्प नहीं आएगा और स्वतः ही पूर्ण किराया लागू होगा।
  4. 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कोई विवरण दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि आप उनके लिए अलग बर्थ नहीं चाहते (जो कि इस आयु वर्ग में आमतौर पर संभव नहीं है)।
  5. एक बार सभी यात्रियों का विवरण दर्ज हो जाने के बाद, आप भुगतान करके अपनी बुकिंग पूरी कर सकते हैं।

ऑनलाइन बुकिंग करते समय, आप आसानी से Search Trains करके अपनी पसंदीदा ट्रेन ढूंढ सकते हैं और Train Schedule की जांच कर सकते हैं।

ऑफलाइन बुकिंग (Offline Booking)

रेलवे आरक्षण काउंटर पर टिकट बुक करते समय, आपको एक आरक्षण फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में बच्चों के विवरण के लिए एक अलग सेक्शन होता है:

  1. फॉर्म में बच्चे का नाम, आयु और लिंग स्पष्ट रूप से लिखें।
  2. 5 वर्ष से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए, आपको फॉर्म में 'बर्थ के साथ' (With Berth) या 'बिना बर्थ के' (Without Berth) का विकल्प टिक करना होगा।
  3. यदि बच्चा 5 वर्ष से कम आयु का है और आप उसके लिए अलग बर्थ नहीं चाहते, तो उसे फॉर्म में शामिल करने की आवश्यकता नहीं है।
  4. फॉर्म जमा करने के बाद, क्लर्क आपकी आवश्यकताओं के अनुसार टिकट जारी करेगा।

3. बर्थ और सीट का आवंटन (Berth and Seat Allotment)

बच्चों के लिए बर्थ और सीट का आवंटन उनके चुने हुए टिकट विकल्प और आयु सीमा पर निर्भर करता है।

बर्थ की आवश्यकता और विकल्प (Berth Requirement and Options)

  • 5 वर्ष से कम आयु: इन बच्चों को कोई अलग बर्थ आवंटित नहीं की जाती। वे अपने माता-पिता/अभिभावक की बर्थ साझा करते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यात्रा आरामदायक हो, विशेषकर रात की यात्राओं में, माता-पिता को अपनी सीट पर बच्चे के लिए पर्याप्त जगह का ध्यान रखना चाहिए।
  • 5 वर्ष से 12 वर्ष से कम आयु: जैसा कि पहले बताया गया है, यदि आप हाफ टिकट चुनते हैं, तो बच्चे को अलग बर्थ नहीं मिलेगी। उन्हें वयस्क यात्री के साथ ही यात्रा करनी होगी। यदि आप पूर्ण टिकट चुनते हैं, तो बच्चे को एक अलग बर्थ आवंटित की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी निजी जगह मिलेगी। यह विकल्प लंबी यात्राओं पर बच्चों को अधिक आराम प्रदान करता है।
  • 12 वर्ष और उससे अधिक आयु: इन बच्चों को अनिवार्य रूप से एक अलग बर्थ आवंटित की जाती है क्योंकि उन्हें वयस्क यात्री माना जाता है और वे पूर्ण किराया चुकाते हैं।

आप अपनी ट्रेन की Coach Position की जांच करके यह जान सकते हैं कि आपके कोच में बर्थ का लेआउट कैसा है, जिससे आपको यात्रा की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

बच्चों के टिकट का किराया उनकी आयु और बर्थ की आवश्यकता के आधार पर अलग-अलग होता है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि हाफ टिकट का मतलब सिर्फ मूल किराए का आधा होना है, अन्य शुल्क नहीं।

हाफ टिकट का किराया (Half Ticket Fare)

5 वर्ष से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए जब हाफ टिकट बुक किया जाता है, तो उन्हें ट्रेन के मूल किराए (Basic Fare) का 50% भुगतान करना होता है। हालांकि, अन्य शुल्क जैसे आरक्षण शुल्क (Reservation Charges), सुपरफास्ट शुल्क (Superfast Charges), GST (यदि लागू हो) और अन्य विविध शुल्क (Miscellaneous Charges) पूर्ण रूप से लागू होते हैं। इसका मतलब है कि हाफ टिकट का कुल किराया, मूल किराए के आधे से थोड़ा अधिक होगा, क्योंकि उसमें अन्य पूर्ण शुल्क जुड़े होंगे।

पूर्ण टिकट का किराया (Full Ticket Fare)

12 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चों के लिए, या 5 से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए जब बर्थ के साथ टिकट बुक किया जाता है, तो उन्हें वयस्क यात्री के समान पूर्ण किराया चुकाना होता है। इसमें मूल किराया, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क, GST और अन्य सभी लागू शुल्क शामिल होते हैं।

किराया तालिका (Fare Table)

विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए भारतीय रेलवे के टिकट और बर्थ के नियम नीचे दी गई तालिका में सारांशित किए गए हैं:

आयु वर्ग (Age Group)
टिकट का प्रकार (Ticket Type)
किराया गणना (Fare Calculation)
बर्थ/सीट आवंटन (Berth/Seat Allotment)
5 वर्ष से कम (Below 5 Years)
मुफ्त (Free)
कोई किराया नहीं (No Fare)
कोई अलग बर्थ नहीं (No separate berth/seat)
5 वर्ष से 12 वर्ष से कम (5 to Below 12 Years)
हाफ टिकट (Half Ticket)
मूल किराए का 50% + पूर्ण अन्य शुल्क (50% of Basic Fare + Full other charges)
कोई अलग बर्थ नहीं (No separate berth/seat)
5 वर्ष से 12 वर्ष से कम (5 to Below 12 Years)
पूर्ण टिकट (Full Ticket)
पूर्ण वयस्क किराया (Full Adult Fare)
अलग बर्थ/सीट आवंटित (Separate berth/seat allotted)
12 वर्ष और उससे अधिक (12 Years and Above)
पूर्ण टिकट (Full Ticket)
पूर्ण वयस्क किराया (Full Adult Fare)
अलग बर्थ/सीट आवंटित (Separate berth/seat allotted)

5. पहचान प्रमाण की आवश्यकता (Identity Proof Requirement)

भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, बच्चों के लिए टिकट बुक करते समय या यात्रा करते समय आमतौर पर पहचान प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि आप अपने बच्चे की आयु के प्रमाण के रूप में कोई दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल आईडी कार्ड) अपने साथ रखें। यह किसी भी विवाद या टिकट चेकर द्वारा आयु सत्यापन की स्थिति में उपयोगी हो सकता है। यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो सकता है जब बच्चे की उम्र 5 या 12 साल की सीमा के करीब हो।

6. महत्वपूर्ण बातें और ध्यान रखने योग्य बिंदु (Important Points and Things to Note)

बच्चों के साथ यात्रा करते समय कुछ अतिरिक्त बातों का ध्यान रखना आपकी यात्रा को और भी सुगम बना सकता है:

टिकट रद्द करना (Ticket Cancellation)

बच्चों के लिए बुक किए गए टिकटों पर रद्द करने के नियम वयस्क टिकटों के समान ही लागू होते हैं। यदि आपने बच्चे के लिए हाफ टिकट लिया है या पूर्ण टिकट, तो रद्द करने पर लागू शुल्क टिकट के प्रकार और रद्द करने के समय के आधार पर काटे जाएंगे। टिकट रद्द करने की विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट देखें। यदि आपको अपनी ट्रेन यात्रा की योजना बदलनी पड़े, तो जल्द से जल्द टिकट रद्द करना सुनिश्चित करें ताकि कम से कम शुल्क कटे।

PNR स्थिति (PNR Status)

ऑनलाइन या ऑफलाइन बुक किए गए टिकटों के लिए, आप अपने PNR Status की नियमित रूप से जांच कर सकते हैं। यह आपको टिकट की पुष्टि की स्थिति, कोच नंबर और बर्थ विवरण के बारे में अपडेट रखेगा। बच्चों के साथ यात्रा करते समय यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है ताकि आप अपनी सीट की स्थिति के बारे में सुनिश्चित रहें।

लाइव ट्रेन स्टेटस (Live Train Status)

यात्रा के दिन, आप Live Train Status का उपयोग करके अपनी ट्रेन की वास्तविक समय की लोकेशन और संभावित देरी की जांच कर सकते हैं। यह जानकारी बच्चों के साथ यात्रा करते समय बहुत उपयोगी होती है, क्योंकि इससे आपको स्टेशन पर सही समय पर पहुंचने और अनावश्यक इंतजार से बचने में मदद मिलती है। आप Live Station जानकारी भी देख सकते हैं।

अतिरिक्त सामान (Extra Luggage)

बच्चों के साथ यात्रा करते समय अक्सर अतिरिक्त सामान (जैसे डाइपर बैग, खिलौने, स्नैक्स) की आवश्यकता होती है। भारतीय रेलवे के सामान्य सामान नियमों का पालन करें। प्रत्येक श्रेणी के लिए मुफ्त सामान भत्ता निर्धारित है (जैसे 1A में 70 किग्रा, 2A में 50 किग्रा, 3A/CC में 40 किग्रा, SL में 40 किग्रा, 2S में 35 किग्रा)। अधिकतम अनुमति सीमा से अधिक सामान पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।

सुरक्षा और सुविधा (Safety and Comfort)

बच्चों के साथ यात्रा करते समय उनकी सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखें। खिड़की के पास सावधानी बरतें, बच्चों को गलियारे में अकेला न छोड़ें, और पर्याप्त पानी व स्नैक्स साथ रखें। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़भाड़ वाली जगहों पर बच्चों को हमेशा अपने पास रखें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. 5 साल से कम उम्र के बच्चों का भारतीय रेलवे में किराया क्या है?
5 साल से कम उम्र के बच्चे भारतीय रेलवे में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें कोई अलग बर्थ या सीट आवंटित नहीं की जाती है और उन्हें अपने साथ यात्रा कर रहे वयस्क की सीट साझा करनी होती है।
Q2. 5 से 12 साल के बच्चों का हाफ टिकट कैसे बनता है?
5 से 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आप हाफ टिकट ले सकते हैं, जिसमें उन्हें मूल किराए का 50% भुगतान करना होता है। इस विकल्प में उन्हें अलग से कोई बर्थ या सीट नहीं मिलती है।
Q3. क्या 5 से 12 साल के बच्चे के लिए बर्थ लेना अनिवार्य है?
नहीं, 5 से 12 साल के बच्चे के लिए बर्थ लेना अनिवार्य नहीं है। यदि आप बच्चे के लिए अलग बर्थ चाहते हैं, तो आपको वयस्क यात्री के समान पूरा किराया चुकाना होगा।
Q4. क्या बच्चों के टिकट पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी है?
आमतौर पर बच्चों के लिए पहचान पत्र की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, आयु सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी कार्ड जैसे दस्तावेज साथ रखना उचित है।
Q5. ऑनलाइन बच्चों का टिकट कैसे बुक करें?
IRCTC वेबसाइट या ऐप पर बुकिंग करते समय, यात्री विवरण जोड़ते समय बच्चे की आयु दर्ज करें। 5-12 साल के बच्चों के लिए 'बर्थ के साथ पूर्ण किराया' या 'बिना बर्थ के हाफ किराया' का विकल्प चुनें।
Q6. अगर बच्चे का टिकट नहीं लिया और वह 5 साल से ऊपर का पाया गया तो क्या होगा?
यदि बिना टिकट यात्रा कर रहा बच्चा 5 साल से ऊपर का पाया जाता है, तो उसे ट्रेन में ही टिकट खरीदना होगा। इसमें सामान्य किराए के साथ जुर्माना भी लग सकता है।
Q7. क्या बच्चों के टिकट पर भी तत्काल कोटा लागू होता है?
तत्काल बुकिंग नियम बच्चों पर भी लागू होते हैं। यदि आप तत्काल में बच्चे के लिए बर्थ के साथ टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें वयस्क यात्री के समान तत्काल किराया और शुल्क चुकाने होंगे।
Q8. बच्चों के टिकट रद्द करने पर क्या नियम हैं?
बच्चों के टिकट रद्द करने के नियम वयस्क टिकटों के समान ही होते हैं। रद्द करने पर लागू शुल्क टिकट के प्रकार (हाफ या पूर्ण) और रद्द करने के समय के आधार पर काटे जाते हैं।

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Last Updated: 24 August 2026
AI-assisted · reviewed before publish
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Written by Maurya Ji Vlogger Editorial Team

Railway travel content by Maurya Ji Vlogger. For official booking and live data, use IRCTC and NTES.

Author: Maurya Ji Vlogger Editorial Team

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